अगर रात में बिस्तर पर जाने के बाद आसानी से नींद नहीं आती या बार-बार नींद खुल जाती है, तो इसकी एक वजह आपका खान-पान भी हो सकता है। दिनभर का तनाव और स्ट्रेस नींद की क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है। वहीं, रात में बहुत ज्यादा या भारी खाना खाने से भी नींद में परेशानी हो सकती है।
ऐसे में रात के खाने में क्या और कितनी मात्रा में लिया जा रहा है, इस पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंखे के सुझाव के मुताबिक, कुछ हल्के खाद्य पदार्थ रात में लेने से नींद को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
केला
केले में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों के सामान्य कार्य और शरीर के रिलैक्सेशन में भूमिका निभाते हैं। रात में हल्की भूख लगने पर केला एक आसान विकल्प हो सकता है।
चेरी
चेरी में प्राकृतिक रूप से ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो शरीर के मेलाटोनिन स्तर से जुड़े होते हैं। मेलाटोनिन शरीर की नींद-जागने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाला हार्मोन है। कुछ अध्ययनों में चेरी के सेवन और नींद से जुड़े सकारात्मक प्रभावों के संकेत मिले हैं।
ओट्स
ओट्स में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। रात में सीमित मात्रा में ओट्स का सेवन पेट को ज्यादा भारी किए बिना संतुष्टि दे सकता है। इसे दूध के साथ हल्के भोजन के तौर पर लिया जा सकता है।
गर्म दूध
सोने से पहले गर्म दूध पीने की आदत कई लोगों के लिए आरामदायक हो सकती है। दूध में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं। हालांकि, नींद बेहतर करने में गर्म दूध की भूमिका व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकती है।
बादाम और कीवी
बादाम में मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। रात में थोड़ी मात्रा में बादाम लेना एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है। वहीं, कीवी में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। कुछ शोधों में कीवी के सेवन और नींद की गुणवत्ता के बीच संभावित संबंध भी सामने आया है।
सिर्फ डाइट ही नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
अच्छी नींद के लिए केवल खान-पान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। सोने और जागने का समय नियमित रखना, रात में कैफीन और बहुत भारी भोजन से बचना, सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना और तनाव को नियंत्रित करना भी मददगार हो सकता है।
अगर कई हफ्तों से लगातार नींद टूट रही है, सोने में परेशानी हो रही है या दिन में अत्यधिक नींद आती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।