Air India Fuel Surcharge Hike: हवाई सफर होगा महंगा, जानें घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों का नया चार्ज

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Air India Fuel Surcharge Hike: हवाई सफर होगा महंगा, जानें घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों का नया चार्ज

Air India Fuel Surcharge: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 9 अक्टूबर 2026 से की गई नई बुकिंग पर लागू होंगी। अकासा एयर ने भी घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज दोबारा लागू कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर शुल्क बढ़ाया है।

कब से लागू होंगी नई दरें?

एयर इंडिया एक्सप्रेस पर संशोधित फ्यूल सरचार्ज 9 अक्टूबर की रात 12 बजे से की गई नई बुकिंग पर लागू होगा। वहीं, एयर इंडिया की नई दरें 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से की गई बुकिंग पर प्रभावी होंगी। पहले से बुक किए गए टिकटों पर इन संशोधित शुल्कों का असर संबंधित एयरलाइन के नियमों पर निर्भर करेगा।

एयरलाइंस ने बताया कि हाल के महीनों में एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव आया है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में दबाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण ईंधन लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस के परिचालन खर्च पर पड़ा है।

घरेलू उड़ानों का नया फ्यूल सरचार्ज

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की घरेलू वन-वे उड़ानों पर दूरी के आधार पर नया सरचार्ज इस प्रकार होगा:

ये शुल्क प्रति यात्री और एक तरफ की यात्रा के आधार पर लागू होंगे। यानी वापसी की उड़ान पर संबंधित सेक्टर के अनुसार अलग सरचार्ज लग सकता है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कितना चार्ज?

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय रूट्स के लिए भी फ्यूल सरचार्ज संशोधित किया है। नई दरें क्षेत्र के आधार पर तय की गई हैं:

ये शुल्क अंतरराष्ट्रीय वन-वे उड़ानों के लिए बताए गए हैं। टिकट की अंतिम कीमत में बेस फेयर, टैक्स, एयरपोर्ट चार्ज और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं।

अकासा एयर ने भी बढ़ाया शुल्क

अकासा एयर ने घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज दोबारा लागू करने का फैसला किया है। एयरलाइन के घरेलू सेक्टरों पर दूरी के अनुसार सरचार्ज 375 रुपये से 1,150 रुपये तक हो सकता है।

अकासा एयर की घरेलू दरें इस प्रकार बताई गई हैं:

0 से 500 किलोमीटर: 375 रुपये।

501 से 1,000 किलोमीटर: 600 रुपये।

1,001 से 1,500 किलोमीटर: 900 रुपये।

1,501 किलोमीटर और उससे अधिक: 1,150 रुपये।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी अकासा एयर ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की है। संशोधित दरें 9 अक्टूबर से लागू होंगी।

ATF महंगा होने से क्यों बढ़ता है किराया?

एविएशन टर्बाइन फ्यूल एयरलाइंस के सबसे बड़े खर्चों में शामिल होता है। ईंधन की कीमत बढ़ने पर एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ जाती है। इस अतिरिक्त खर्च का कुछ हिस्सा यात्रियों से वसूलने के लिए कंपनियां फ्यूल सरचार्ज लगाती हैं।

हालांकि, टिकट की कुल कीमत केवल फ्यूल सरचार्ज से तय नहीं होती। इसमें बेस किराया, जीएसटी, एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस, पैसेंजर सर्विस फीस, सीट चयन, भोजन और अन्य सेवाओं का शुल्क भी शामिल हो सकता है।

यात्रियों की जेब पर कितना असर?

घरेलू यात्रियों के लिए टिकट की कीमत में सेक्टर के अनुसार 400 रुपये से 1,200 रुपये तक अतिरिक्त भार पड़ सकता है। लंबी दूरी की उड़ानों में यह बढ़ोतरी अधिक दिखाई देगी। यदि यात्री रिटर्न टिकट बुक करता है, तो दोनों दिशाओं के लिए फ्यूल सरचार्ज जुड़ने से कुल खर्च और बढ़ सकता है।

उदाहरण के लिए, 1,200 रुपये का सरचार्ज एक तरफ की यात्रा पर लागू है। आने-जाने वाले टिकट में केवल फ्यूल सरचार्ज के रूप में 2,400 रुपये तक जुड़ सकते हैं, हालांकि अंतिम राशि एयरलाइन की बुकिंग शर्तों और लागू टैक्स पर निर्भर करेगी।

समय-समय पर होगी समीक्षा

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने संकेत दिया है कि फ्यूल सरचार्ज की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। ATF की कीमतों और एयरलाइन की परिचालन लागत में बदलाव होने पर सरचार्ज घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने भी ईंधन लागत बढ़ने के बीच सरचार्ज में संशोधन किया है। इससे आने वाले दिनों में हवाई टिकटों की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है।

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