नई दिल्ली: बैंक ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल को वापस ले लिया गया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार रात हुई बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने पर सहमति बनी।
UFBU के सर्कुलर नंबर 2026/31 के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे IBA और UFBU के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में बैंक कर्मचारियों से जुड़े कई अहम और लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और प्रस्तावित तीन दिनों की हड़ताल वापस लेने का फैसला किया गया।
फाइव डे बैंकिंग पर बनेगी उच्चस्तरीय कमेटी
बैठक में फाइव डे बैंकिंग यानी सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इसके लिए IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति सभी पक्षों और खासकर बैंक ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर समाधान तलाशेगी।
PLI स्कीम में संशोधन पर चर्चा
बैठक में स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू Performance Linked Incentive यानी PLI योजना में संशोधन पर भी चर्चा करने का फैसला हुआ। यूनियनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के लिए संभावित बदलावों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जा सकता है।
लंबित मुद्दों के समाधान पर जारी रहेगी बातचीत
इसके अलावा 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित मुद्दों के जल्द समाधान के लिए बातचीत जारी रखने पर भी सहमति बनी है। यूनियन नेताओं ने उम्मीद जताई है कि इन मुद्दों पर आगे की बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
बता दें कि UFBU ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिनों की देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया था। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी थी। ऐसे में बैंक लगातार पांच दिनों तक प्रभावित हो सकते थे, जिससे आम ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।
इसी स्थिति को देखते हुए 27 सितंबर, रविवार को सरकारी बैंकों को खोलने का फैसला किया गया था, ताकि ग्राहक अपने जरूरी बैंकिंग कार्य पूरे कर सकें। अब हड़ताल वापस लिए जाने के बाद बैंकिंग सेवाओं पर लगातार पांच दिनों तक पड़ने वाला संभावित असर टल गया है।
सर्कुलर पर AIBEA के सी.एच. वेंकटाचलम, AIBOC के रूपम रॉय, NCBE के एल. चंद्रशेखर, AIBOA के संजय खान, BEFI के देबाशीष बासु चौधरी, INBOC के प्रेम मक्कर और INBEF के ओ.पी. शर्मा समेत यूनियन नेताओं के हस्ताक्षर हैं। विस्तृत सर्कुलर जल्द जारी किए जाने की बात कही गई है।