- फरार आरोपी विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी से खुलेंगे राज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब कोडीन कफ सिरप मामले में वांछित आरोपी विकास सिंह नरवे को सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार कर लिया गया। आजमगढ़ का रहने वाला यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था, लेकिन लगातार ठिकाने बदलकर बच रहा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विकास सिंह नरवे प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई चेन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसकी गिरफ्तारी को इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान उससे सप्लाई रूट, फर्जी फर्मों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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इस मामले में इससे पहले पुलिस ने विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार किया था, जो इस नेटवर्क के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल बताया जा रहा है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल ने 65 से ज्यादा फर्जी कंपनियां बनाकर देश के कई राज्यों में कोडीन कफ सिरप और ट्रामाडोल जैसी दवाओं की अवैध बिक्री की।
खाद्य आयुक्त की टीमों द्वारा की गई छापेमारी में कानपुर के बिरहाना रोड और कोपरगंज स्थित ठिकानों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई थीं। यह बरामदगी करोड़ों रुपये की बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी से इस अवैध कारोबार से जुड़े कई बड़े नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।