उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार कार ने नौ लोगों को टक्कर मार दी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा जगतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुल्तानपुर जनौली के पास हुआ।
पुलिस के अनुसार मृतक और घायलों का समूह सामुदायिक भोज से लौट रहा था। मृतक हिमांशी और शालिनी मौके पर ही दम तोड़ गईं, जबकि रश्मी और आसमा जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। घायलों में रिया, प्रिया, साधना, मीना और रेशमा शामिल हैं।
हादसे के पीछे तेज गति और सड़क किनारे चल रहे लोगों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बताया कि कार चालक हादसे के बाद फरार हो गया है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं। वाहन जब्त कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
UGC नियमों पर बवाल: लखनऊ में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन क्यों पड़ा भारी – Sindhu Times
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। वहीं भाजपा विधायक मनोज कुमार पांडे और कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञ मानते हैं कि तेज गति से होने वाले ऐसे हादसे अक्सर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे और ग्रामीण इलाकों में तेज रफ्तार वाहन स्थानीय लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। तेरहवीं में शामिल होने गए परिवार के लिए यह हादसा गहरी त्रासदी बन गया है।
पंकज तिवारी ने सरकार से मृतकों और घायलों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि की मांग की। घटना ने प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा के कड़े उपाय किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।