चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं होगा

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केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फैल रही अफवाहों पर साफ और स्पष्ट बयान देते हुए कहा है कि चुनावों के बाद ईंधन की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। सरकार ने उन सभी खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में हाल के तनावपूर्ण घटनाक्रमों के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

सरकार के अनुसार, कीमत बढ़ने की अफवाहों के कारण कई राज्यों में पैनिक बाइंग की स्थिति बन गई। खासकर आंध्र प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल और डीजल खरीदना शुरू कर दिया, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की अस्थायी कमी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को 400 से अधिक पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई थी। कुछ इलाकों में मांग 30 से 33 प्रतिशत तक बढ़ गई।

सुजाता शर्मा ने कहा कि ऐसी अफवाहों से अनावश्यक घबराहट पैदा होती है और आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया या अपुष्ट खबरों के आधार पर निर्णय न लें।

सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विमान ईंधन (ATF) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सभी तेल कंपनियां लगातार आपूर्ति बनाए हुए हैं और जिन क्षेत्रों में मांग अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई भेजी जा रही है। सभी पेट्रोल पंपों की निगरानी की जा रही है ताकि कहीं भी ईंधन की कमी न हो।

हालांकि इस दौरान सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कई कंपनियां बाजार मूल्य से कम कीमत पर पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुछ अनुमानों में यह नुकसान करीब 2,400 करोड़ रुपये प्रतिदिन तक बताया गया है।

विशेषज्ञों ने पहले आशंका जताई थी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू व वैश्विक कीमतों के अंतर के कारण चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं। लेकिन सरकार ने इन सभी अटकलों को पूरी तरह गलत बताते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

सरकार के इस बयान से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर लोगों में चिंता थी, लेकिन अब सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद लोगों को राहत महसूस हो रही है।

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