अजमेर: अजमेर शरीफ दरगाह में आयोजित होने वाले 814वें उर्स के अवसर पर एक बार फिर देश की साझा संस्कृति और सूफी परंपरा की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी गई चादर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अजमेर लेकर पहुंचे। यह पहल धार्मिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के संदेश को और मजबूत करती है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के अजमेर पहुंचने पर सर्किट हाउस में भव्य स्वागत किया गया। भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ उनका अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, जिससे उर्स को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भेजी गई चादर के साथ उनका विशेष संदेश भी अजमेर शरीफ दरगाह में पढ़ा जाएगा। यह संदेश देशवासियों के लिए शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने वाला होगा। पीएम मोदी द्वारा लगातार चादर भेजे जाने को सूफी परंपरा के प्रति सम्मान और समावेशी भारत की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
अजमेर दरगाह का उर्स हर साल हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। यह उत्सव छह दिनों तक चलता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। लोग यहां चादर चढ़ाकर अमन और खुशहाली की दुआ मांगते हैं। 814वें उर्स के मौके पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भी अपनी सहभागिता निभाई। मंच की ओर से पेश की गई चादर के जरिए इंसानियत, प्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि अजमेर शरीफ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति का केंद्र है।