भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर चल रही बातचीत अब सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इस ऐतिहासिक समझौते की औपचारिक घोषणा मंगलवार को होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में की जाएगी। यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे। इस दौरान व्यापार, निवेश, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि यह समझौता भारत के दृष्टिकोण से संतुलित और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल समझौते के मसौदे की कानूनी जांच की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि सभी औपचारिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर इस साल के भीतर इस पर हस्ताक्षर कर दिए जाएं। उम्मीद है कि यह मुक्त व्यापार समझौता अगले वर्ष की शुरुआत से प्रभावी हो सकता है।
इस एफटीए के लागू होने से भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इससे भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी, वहीं यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश के नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, इस समझौते के तहत रणनीतिक रक्षा सहयोग और प्रवासियों की सुगम आवाजाही से जुड़े मुद्दों को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच यह समझौता दोनों पक्षों के लिए स्थिरता और विकास का मजबूत आधार बनेगा। भारत-यूरोपीय संघ एफटीए आने वाले वर्षों में आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।