ओडिशा के कालाहांडी जिले में बुधवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। झटके महसूस होते ही कई लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के अनुसार, यह भूकंप 29 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजकर 42 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र कालाहांडी क्षेत्र में 19.729 डिग्री उत्तर अक्षांश और 82.599 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन के अंदर लगभग 24 किलोमीटर थी। इसे वैज्ञानिक भाषा में “शैलो डेप्थ” यानी कम गहराई वाला भूकंप कहा जाता है। ऐसे भूकंप सतह के काफी करीब होते हैं, इसलिए इनके झटके ज्यादा स्पष्ट रूप से महसूस किए जाते हैं, खासकर केंद्र के आसपास के इलाकों में।
जानकारी के मुताबिक, यह भूकंप पापड़ाहांडी से करीब 45 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया। इसके चलते पापड़ाहांडी, धर्मगढ़ और आसपास के कई क्षेत्रों में लोगों ने हल्के से मध्यम झटके महसूस किए। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखी जा रही है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने भी इस भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मध्यम तीव्रता का झटका था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के भूकंप आमतौर पर ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन कम गहराई के कारण इनका असर ज्यादा महसूस होता है।
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने बताया कि उन्हें अचानक जमीन हिलती महसूस हुई, जिससे वे कुछ समय के लिए घबरा गए।
गौरतलब है कि भारत के कई हिस्से भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप समय-समय पर दर्ज होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षा नियमों का पालन करना सबसे जरूरी होता है।
फिलहाल ओडिशा के कालाहांडी जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है और किसी गंभीर क्षति की खबर नहीं है।