पहाड़ों पर कुदरत का कहर, उत्तराखंड से लेकर हिमाचल-कश्मीर तक भारी तबाही

टॉप -न्यूज़ न्यूज़ राष्ट्रीय

अगर आप इन दिनों गर्मियों से राहत पाने के लिए पहाड़ों की सैर करने का प्लान बना रहे हैं, तो रुकिए! उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से इस समय बेहद डराने वाली तस्वीरें और खबरें सामने आ रही हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर इस समय मानसून और प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहे हैं। भारी बारिश, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और बादल फटने की घटनाओं ने वहाँ का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने एक नया और बड़ा IMD Weather Alert जारी किया है।

पहाड़ों पर लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। इस ताजा IMD Weather Alert के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों को अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड), जलभराव और भूस्खलन के प्रति आगाह किया है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

 

कश्मीर के अनंतनाग और पहलगाम में बादल फटा

दक्षिण कश्मीर से कुदरत के रौद्र रूप की खबर आई है, जहाँ दो मशहूर पर्यटन स्थलों में अचानक बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) से नदी-नालों में भयंकर सैलाब आ गया। पहली घटना अनंतनाग जिले के चित्रगुल के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हुई, जिससे स्थानीय नाले में अचानक बाढ़ आ गई। इसके तुरंत बाद ही खूबसूरत वादी पहलगाम के ‘नाला आवूरा’ में भी बादल फट गया। पानी इतनी डरावनी तेजी से बढ़ा कि पर्यटकों और होटल मालिकों में कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई। राहत की बात यह है कि सभी देसी-विदेशी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

 

उत्तराखंड में भूस्खलन से 91 सड़कें बंद

उत्तराखंड में पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे के कारण संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट चुके हैं। राज्य में एक नेशनल हाईवे और दो स्टेट हाईवे समेत कुल 91 मुख्य रास्ते बंद हैं, जिससे गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई है। सबसे खराब स्थिति पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों की है। इसके अलावा, राज्य के 11 बांधों और बैराजों में पानी का स्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। भागीरथी और अलकनंदा जैसी पवित्र नदियां पूरे उफान पर हैं, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश तक प्रशासन मुस्तैद है।

 

हिमाचल प्रदेश में अगले पांच दिनों तक आफत

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता अपने चरम पर है। IMD Weather Alert के अनुसार, राज्य में 12 से 16 जुलाई तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने का भी अनुमान है। बीते 24 घंटों में जोगिंद्रनगर और मनाली में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *