हैदराबाद। तेलंगाना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार लैंड रिकॉर्ड्स विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नरहरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने हैदराबाद के शालीबंडा स्थित केनरा बैंक के एक लॉकर की तलाशी के दौरान करीब 1.50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इससे पहले जांच एजेंसी नरहरी के आवास से 1.54 करोड़ रुपये नकद जब्त कर चुकी है।
ACB अधिकारियों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी, बैंक जमा और अचल संपत्तियों का पता चला है। जांच के दौरान नरहरी के बैंक खातों में जमा लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि को भी फ्रीज कर दिया गया है। एजेंसी का मानना है कि यह मामला केवल नकदी बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और अवैध संपत्ति अर्जित करने के संकेत मिल रहे हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार नरहरी को हाल ही में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ACB अब उनके वित्तीय लेन-देन, संपत्ति खरीद, निवेश और धन के स्रोतों की गहन पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों का दावा है कि जांच में अब तक नरहरी के नाम पर 1.24 एकड़ भूमि, चार फ्लैट और दो बहुमंजिला भवनों का पता चला है। इन संपत्तियों की घोषित कीमत लगभग 13.05 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि बाजार मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यही कारण है कि जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीर मान रही हैं।
ACB की जांच अभी और आगे बढ़ सकती है, क्योंकि नरहरी से जुड़े दो अन्य बैंक लॉकरों को खोलना बाकी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन लॉकरों से भी महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी, आभूषण या अन्य संपत्तियों से जुड़े प्रमाण मिल सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो मामले का दायरा और विस्तृत हो सकता है।
जांच एजेंसी बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके तहत बैंक अधिकारियों, रियल एस्टेट कारोबारियों और संभावित सहयोगियों से पूछताछ की जा सकती है।
भ्रष्टाचार विरोधी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में वित्तीय फोरेंसिक जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे धन के वास्तविक स्रोत और उसके उपयोग का पता लगाया जा सकता है। फिलहाल ACB का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जारी है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई और शेष लॉकरों की जांच पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे इस कथित भ्रष्टाचार मामले के और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।