RPSC SI भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। Supreme Court of India के ताजा फैसले ने हजारों उम्मीदवारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अदालत ने अपने पहले के आदेश को संशोधित करते हुए राहत को केवल एक याचिकाकर्ता तक सीमित कर दिया है।
पहले कोर्ट ने बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को अस्थायी तौर पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। इससे उन अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी थी, जो किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। लेकिन अब नए आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि केवल सूरज मल मीणा ही इस राहत का लाभ उठा सकेंगे।
Rajasthan Public Service Commission ने अदालत में यह दलील दी थी कि इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को अचानक शामिल करना परीक्षा की निष्पक्षता और प्रबंधन दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इसी आधार पर अदालत ने अपने आदेश में संशोधन किया।
इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है। सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने इसे अन्यायपूर्ण बताया है और समान अवसर की मांग की है।
हालांकि, कोर्ट ने यह रास्ता खुला रखा है कि अन्य उम्मीदवार भी व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल कर सकते हैं। साथ ही, Rajasthan High Court में चल रही सुनवाई के बाद इस पूरे मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रशासनिक व्यवहारिकता और न्यायिक प्रक्रिया के संतुलन को दर्शाता है। अदालत ने जहां एक ओर व्यक्तिगत याचिका पर न्याय दिया, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर फैसले के प्रभाव को सीमित किया।