लाल किले से बड़ा धमाका करने की साजिश का खुलासा

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नई दिल्ली: लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को एक बेहद खतरनाक साजिश का खुलासा मिला है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ट्रेंड आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद ने भारत में अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले की योजना तैयार की थी। पकड़े गए आतंकी मुजम्मिल के कबूलनामे में खुलासा हुआ कि उमर मोहम्मद अपनी टीम के साथ TATP जैसे खतरनाक विस्फोटक तैयार कर रहा था और पांच लोगों का पूरा मॉड्यूल बड़ा धमाका करने की साजिश रच रहा था।

केस डायरी के मुताबिक, लाल किला धमाके के लिए उपयोग किए गए विस्फोटक में एसीटोन—जिसे आमतौर पर नेल पॉलिश रिमूवर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है—और पिसी चीनी का उपयोग किया गया था। फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक भी इसी मॉड्यूल द्वारा तैयार किया गया था। बताया जा रहा है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर मोहम्मद था, जिसकी मौत हो चुकी है।

उमर मोहम्मद: 9 भाषाओं का जानकार और जैश का ट्रेंड आतंकी

मुजम्मिल के कबूलनामे में बताया गया कि उमर खुद को ‘आमिर’ कहता था, जिसका अर्थ ‘राजकुमार’ या ‘सेनापति’ होता है। वह खुद को शासक और धार्मिक नेता मानता था। उसके दिमाग में इतना आत्मविश्वास था कि वह खुद को सबसे ज्यादा काबिल समझता था।

मुजम्मिल ने कहा, “डॉक्टर उमर को हिंदी, उर्दू, इंग्लिश, पर्सियन, अरबी, चाइनीज और फ्रेंच समेत 9 से ज्यादा भाषाओं का ज्ञान था। वह खुद को EMIR कहता था और हम सब पर पूरा कंट्रोल रखता था। उसकी बातें हम काट नहीं पाते थे क्योंकि वह हर बात में रिसर्च और फैक्ट्स जोड़ता था।”

उमर की नजर में डॉक्टर अदील उसका खजांची था, जबकि डॉक्टर शाहीन और मुफ्ती इरफान उसके मुख्य सहयोगी थे।

370 हटने और नूंह हिंसा के बाद तैयार हुई खतरनाक साजिश

जांच में सामने आया कि नूंह (मेवात) में 2023 की हिंसा और नासिर-जुनैद हत्याकांड ने उमर को चरमपंथ की ओर और उकसाया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही वह सुरक्षा बलों के प्रति नफरत से भरा हुआ था और किसी बड़े हमले की योजना बना चुका था।

मुजम्मिल ने बताया, “फरीदाबाद में रखा विस्फोटक हमें लेकर जम्मू-कश्मीर भी जाना था। उमर वहां भी बड़ा हमला करने की फिराक में था।”

अल फलाह यूनिवर्सिटी में करता था विस्फोटक की टेस्टिंग

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उमर नूंह के मेवात इलाके से यूरिया लाता था और अल फलाह यूनिवर्सिटी के अपने कमरे में TATP की टेस्टिंग करता था। यह वही विस्फोटक है जिस पर दुनिया भर में कई बड़े आतंकी संगठनों ने भरोसा किया है।

मुजम्मिल के मुताबिक, “उमर खुद विस्फोटक तैयार करता था और हमें इसे स्टोर और ट्रांसपोर्ट करने का प्रशिक्षण देता था। उसकी योजना किसी भी पिछले हमले से बड़ा धमाका करने की थी।”

लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में सामने आया यह खुलासा बताता है कि आतंकियों ने कितनी बड़ी साजिश तैयार की थी। हालांकि डॉक्टर उमर की मौत के बाद मॉड्यूल कमजोर पड़ा, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने में जुटी हैं।

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