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मोतिहारी कांड ने फिर खोली सिस्टम की पोल
Motihari में जहरीली शराब से हुई मौतों ने एक बार फिर बिहार में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बालगंगा गांव में हुई इस घटना में चार लोगों की मौत और कई लोगों की हालत गंभीर होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आए हैं। मुख्य आरोपी नागा रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, वहीं मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में अवैध शराब का निर्माण और वितरण कैसे हो रहा था।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि यह नेटवर्क इतना मजबूत हो गया कि एक साथ दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए।
इस घटना के बाद प्रशासन ने कुछ सख्त कदम जरूर उठाए हैं। एक चौकीदार को निलंबित किया गया है और संबंधित थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की गई है। लेकिन यह कदम तब उठाए गए जब नुकसान हो चुका था।
राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर शराबबंदी कानून को लेकर विफलता का आरोप लगाया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे सख्ती से लागू करने की बात कर रहा है।