AI प्रभाव शिखर सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट ने भारत और अन्य ग्लोबल साउथ देशों के लिए दीर्घकालिक निवेश योजना पेश की। कंपनी के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने घोषणा की कि 2030 तक 50 अरब डॉलर AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जाएंगे।
इस योजना के तहत भारत में डेटा सेंटर विस्तार, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकल स्किल डेवलपमेंट पर खास ध्यान दिया जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि भारत में AI टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है।
निवेश का एक बड़ा हिस्सा शिक्षकों और छात्रों को AI टूल्स से जोड़ने में लगाया जाएगा। इससे युवाओं को नई तकनीकों में दक्षता मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्टार्टअप्स को भी आधुनिक क्लाउड और AI प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी, जिससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
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ब्रैड स्मिथ ने कहा कि AI केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है। हेल्थकेयर में तेज डायग्नोसिस, कृषि में स्मार्ट सलाह और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता जैसे क्षेत्रों में AI बड़ा योगदान दे सकता है।
भारत को AI विकास का रणनीतिक केंद्र मानते हुए माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। आने वाले वर्षों में सरकार और निजी कंपनियों के सहयोग से AI का विस्तार आम नागरिकों के जीवन को सरल और प्रभावी बना सकता है।