बिहार चुनाव में करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आने लगा है। तेज प्रताप के बाद अब लालू की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने भी राजनीति और परिवार छोड़ने का ऐलान कर दिया, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की हार को लेकर रोहिणी और तेजस्वी के बीच शनिवार को जमकर बहस हुई, जिसके बाद यह विवाद अपने चरम पर पहुंच गया
तेजस्वी–रोहिणी के बीच तीखी बहस: चप्पल फेंकी, गालियां दीं।
सूत्र बताते हैं कि शनिवार को हार की समीक्षा के दौरान रोहिणी ने सवाल उठाया कि संजय यादव से जुड़े मुद्दों पर पार्टी को कार्यकर्ताओं को जवाब देना चाहिए। इसी बात पर तेजस्वी भड़क गए और कहा—
“तुम्हारे कारण ही चुनाव हार गए, तुम्हारा अपशकुन लग गया।”
बहस इतनी बढ़ी कि तेजस्वी ने गुस्से में अपनी बड़ी बहन की तरफ चप्पल फेंकी और गालियां भी दीं। इसी घटना के बाद रोहिणी ने तुरंत पार्टी और परिवार से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया।
नाराजगी का सिलसिला नया नहीं है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान रोहिणी अपने क्षेत्र सारण की सभी सीटों पर प्रचार करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें केवल राघोपुर तक सीमित कर दिया गया। इससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भी उनकी उम्मीदवारी को लेकर मतभेद सामने आए थे। रोहिणी पाटलिपुत्र से चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन मीसा भारती तैयार नहीं हुईं। बाद में वे सारण से चुनाव लड़ीं लेकिन हार गईं। लालू परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, रोहिणी और संजय यादव के बीच वैचारिक मतभेद लंबे समय से चल रहे थे। आरोप है कि संजय यादव ने रोहिणी को तेजस्वी के राजनीतिक भविष्य के लिए खतरा बताया और कई बार उनका अपमान भी किया गया। रोहिणी के करीबी यह दावा करते हैं कि उन्हें सारण से हराने की कोशिश भी की गई, और परिवार के एक करीबी MLC ने इसमें अहम भूमिका निभाई।