- AI युग में नौकरियों और उद्योगों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
Written By: Sweta Sharma
भारत को तकनीक और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जल्द ही सरकार ‘क्रिएट इन इंडिया (Create in India)’ मिशन लॉन्च करने वाली है, जिसका उद्देश्य देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करना, उद्योगों को मजबूती देना और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है। यह घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI Impact Summit के दौरान की।
मंत्री ने बताया कि यह मिशन भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न रहे, बल्कि वैश्विक नवाचार का नेतृत्व करने वाला देश बने। इस पहल से स्टार्टअप, क्रिएटर्स, टेक इंडस्ट्री और युवाओं को व्यापक अवसर मिलने की उम्मीद है।
मिशन का उद्देश्य और सरकार की रणनीति
‘क्रिएट इन इंडिया’ मिशन का मुख्य फोकस उद्योगों को सशक्त बनाना, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना और नई पीढ़ी को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। सरकार का मानना है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी और तेजी से बढ़ती प्रतिभा है। इस मिशन के जरिए देश में एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार की जाएगी, जिससे आने वाले वर्षों में तकनीकी और क्रिएटिव सेक्टर को कुशल मानव संसाधन मिल सके।
बजट 2026 के तहत सरकार ने देशभर के 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की योजना भी घोषित की है। इन लैब्स को उद्योगों के सहयोग से विकसित किया जाएगा ताकि छात्रों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल स्किल्स, क्रिएटिविटी और नई तकनीकों से जोड़ा जा सके। इससे युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
AI और रोजगार पर सरकार का दृष्टिकोण
दुनिया भर में AI के कारण नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है, लेकिन सरकार का कहना है कि AI रोजगार खत्म करने के बजाय नए अवसर पैदा करेगा। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव रचनात्मकता का विकल्प नहीं बनेगा, बल्कि उसका सहयोगी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक को अपनाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और AI कहानी कहने, डिजाइन, रिसर्च और इंडस्ट्री इनोवेशन को नई गति देगा। सरकार चाहती है कि तकनीक और रचनात्मकता साथ मिलकर काम करें ताकि आर्थिक विकास और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिले।
शिक्षा और तकनीकी विकास पर फोकस
सरकार सेमीकंडक्टर और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा रही है। देश के लगभग 350 विश्वविद्यालयों में छात्र उन्नत तकनीकों की पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे भारत भविष्य की टेक्नोलॉजी रेस में मजबूत स्थिति हासिल कर सके। ‘क्रिएट इन इंडिया’ मिशन इसी व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने में मदद करेगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। आने वाले समय में यह मिशन युवाओं, उद्योगों और क्रिएटिव सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।