Written By: sweta sharma
राजधानी दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तकनीक को जनकल्याण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक तकनीकी क्रांति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी आधार बन सकती है, यदि इसे जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ अपनाया जाए।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह रेखांकित किया कि विज्ञान और तकनीक का अंतिम लक्ष्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने बुद्धि, तर्क और विवेक की भूमिका को समझाते हुए कहा कि सही दिशा में प्रयुक्त AI समाज के हर वर्ग को सशक्त बना सकता है।
स्टार्टअप्स और नवाचार का मंच
समिट के पहले दिन आयोजित AI एक्सपो में देश-विदेश के 600 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया। यहां स्वास्थ्य सेवाओं में डेटा विश्लेषण, कृषि में स्मार्ट समाधान, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए AI मॉडल और शिक्षा में व्यक्तिगत लर्निंग टूल्स जैसे कई नवाचार प्रस्तुत किए गए।
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300 से अधिक क्यूरेटेड पवेलियन तीन मुख्य विषयों — People, Planet और Progress — पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य यह दिखाना है कि AI का उपयोग केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा
इस समिट में Russia, Switzerland, Australia और Japan सहित 13 देशों की सक्रिय भागीदारी है। यह सहयोग वैश्विक AI इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री 19 फरवरी को उद्घाटन सत्र में अपने विस्तृत संबोधन के दौरान भारत की AI नीति और भविष्य की रणनीति साझा करेंगे। उनका फोकस भरोसेमंद, पारदर्शी और विकासोन्मुख AI मॉडल तैयार करने पर रहेगा।
AI Impact Summit 2026 न केवल तकनीकी नवाचार का मंच है, बल्कि यह एक ऐसा प्रयास है जो AI को जनहित और सतत विकास से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल करता है।