UP SIR Draft List: ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही BJP हुई एक्टिव

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। ड्राफ्ट सूची में जहां 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वहीं बीजेपी ने इसे अवसर के रूप में लेते हुए अगले एक महीने में करीब 4 करोड़ नए वोटर जोड़ने की रणनीति तैयार कर ली है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, पार्टी पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक लाख नए मतदाता जोड़े जाएं।

सीएम योगी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं, जिनकी दोबारा जांच जरूरी है। ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, प्रदेश में 46.23 लाख मतदाता मृत घोषित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ स्तर पर जाकर इन आंकड़ों की वास्तविकता की पुष्टि करें ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से न कट जाए।

इसके साथ ही सभी मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया गया है कि वे खुद बूथों पर बैठकर मतदाता सूची के काम में भाग लें और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करें।

ड्राफ्ट सूची का सबसे ज्यादा असर राजधानी लखनऊ में देखने को मिला है, जहां करीब 30 प्रतिशत मतदाता कम हो गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में 12 लाख से अधिक वोटरों के नाम कटे हैं। शहर की नौ विधानसभा सीटों में ड्राफ्ट लिस्ट की फोटोकॉपी निकलवाकर घर-घर सर्वे कराया जा रहा है।

कुंभ क्षेत्र की पवित्रता पर सरकार का फोकस

बीजेपी लखनऊ जिला अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो लखनऊ में रहते हैं, लेकिन उनका नाम अब भी गांव की मतदाता सूची में दर्ज है। ऐसे लोगों को समझाकर फॉर्म-6 भरवाया जा रहा है ताकि उनका नाम शहरी मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

घर-घर अभियान तेज

लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र में पार्षद और पार्टी कार्यकर्ता टीम बनाकर घर-घर जा रहे हैं। उनके पास ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की प्रतियां हैं, जिनके आधार पर छूटे हुए मतदाताओं की पहचान की जा रही है। खासतौर पर युवाओं, नए मतदाताओं और स्थानांतरित परिवारों पर फोकस किया जा रहा है।

बीजेपी की बड़ी रणनीति

बीजेपी का मानना है कि अगर समय रहते नाम जोड़ने का अभियान सफल रहा, तो यह पार्टी के लिए आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है। इसी वजह से संगठन स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी गई है।

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