उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को कानपुर के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल बिठूर पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए 411.77 करोड़ रुपये की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
अपने इस दौरे के दौरान सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और जनसभा को संबोधित करते हुए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपकर सम्मानित भी किया।
आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री के इस कानपुर दौरे में क्या-क्या खास रहा।
महर्षि वाल्मीकि आश्रम में की पूजा-अर्चना, बिठूर में हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर बिठूर स्टेडियम में उतरा, जहां गुरुकुल के बटुकों और पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया।
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आश्रम में दर्शन: हेलीपैड से सीएम योगी सीधे महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचे और वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
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श्रद्धांजलि अर्पित की: इसके बाद मुख्यमंत्री बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के आवास पहुंचे और उनकी स्वर्गीय माता डॉ. निर्मल सिंह को श्रद्धांजलि दी।
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नानाराव पेशवा पार्क: दर्शन और भेंट के बाद सीएम योगी नानाराव पेशवा स्मारक पार्क पहुंचे, जहां वाटरप्रूफ पंडाल में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था।
बिठूर विकास परियोजनाएं: ₹411.77 करोड़ की 48 सौगातें
महर्षि वाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कानपुर क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए कई अहम विकास परियोजनाओं की नींव रखी और पूर्ण हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन किया।
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दो विधानसभाओं को लाभ: इन 48 परियोजनाओं का सीधा फायदा बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों की जनता को मिलेगा।
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लाभार्थियों का सम्मान: मंच से सीएम योगी ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सम्मानित किया और प्रमाण पत्र बांटे।
महर्षि वाल्मीकि जयंती: पौराणिक नगरी बिठूर का विशेष धार्मिक महत्व
बिठूर केवल ऐतिहासिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि पौराणिक मान्यताओं के लिहाज से भी अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है।
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रामायण की रचना स्थली: मान्यता है कि आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने इसी आश्रम में रहकर कालजयी महाकाव्य ‘रामायण’ की रचना की थी।
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माता सीता का आश्रय: यह वही पावन भूमि है जहां माता सीता ने आश्रय लिया था और भगवान श्रीराम के पुत्रों लव और कुश का जन्म हुआ था।
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धार्मिक पर्यटन का विकास: राज्य सरकार बिठूर के इस धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बिठूर दौरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि क्षेत्र की प्रगति के लिए मील का पत्थर भी साबित हुआ। ₹411.77 करोड़ की विकास योजनाओं से कानपुर के इस पौराणिक क्षेत्र में पर्यटन, बुनियादी ढांचे और जन-सुविधाओं को नया विस्तार मिलेगा।