कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सोमवार शाम एक टायर फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। जरिहा गांव स्थित ओउम जेवीआरडी टायर फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इसी दौरान फैक्ट्री परिसर में मौजूद एक फ्यूल टैंक भी आग की चपेट में आ गया और कुछ ही देर बाद उसमें जोरदार धमाका हो गया। धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
हादसे के दौरान फैक्ट्री में मौजूद दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
फ्यूल टैंक में हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 6 बजे माती फायर स्टेशन को टायर फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन दमकल वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
दमकल की टीम जब फैक्ट्री पहुंची तो परिसर में बने दो फ्यूल टैंकों में से एक आग की लपटों से घिरा हुआ था। टीम ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इसी दौरान आग की चपेट में आए फ्यूल टैंक में अचानक तेज धमाका हो गया।
धमाके के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, दमकल कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए दूसरे फ्यूल टैंक को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल उसकी कूलिंग शुरू कर दी। इससे आग को दूसरे टैंक तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली।
पानी और फोम की मदद से बुझाई गई आग
आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल कर्मियों ने पानी के साथ फोम का भी इस्तेमाल किया। टीम ने लगातार फोम और पानी की बौछार करते हुए आग को फैक्ट्री के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोकने का प्रयास किया।
एक ओर जहां दूसरे फ्यूल टैंक को लगातार ठंडा किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ आग के मुख्य स्रोत पर भी दमकल कर्मियों ने कार्रवाई जारी रखी। करीब 30 मिनट तक चले रेस्क्यू और फायर ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
दो मजदूरों की मौत
इस हादसे में फैक्ट्री के अंदर मौजूद दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर की स्थिति का जायजा लेने के साथ हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।
फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे मामले की जांच कर रही हैं। फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजाम, फ्यूल टैंक की स्थिति और आग लगने के समय वहां मौजूद परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। साथ ही मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है।