लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बिल पास नहीं होने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा विपक्षी दलों के रुख को महिलाओं का अपमान बताए जाने के बाद अब बीजेपी नेता भी लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर हमला बोल रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को रोकना देश की लाखों-करोड़ों महिलाओं का अपमान है। उन्होंने 17 तारीख को लोकतंत्र के इतिहास का “काला दिन” करार देते हुए कहा कि इस दिन विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ काम किया। उन्होंने कांग्रेस, Trinamool Congress, Dravida Munnetra Kazhagam और Samajwadi Party पर हमला बोलते हुए कहा कि ये दल महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब विपक्षी दल महिलाओं के आरक्षण जैसे गंभीर विषय पर खुशी मना रहे थे। सम्राट चौधरी ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी Lalu Prasad Yadav जैसे नेताओं ने ऐसे विधेयकों का विरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने परिवारवाद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि Rahul Gandhi की बहन सांसद बन सकती हैं, Akhilesh Yadav की पत्नी चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन देश की गरीब और सामान्य महिला संसद तक कब पहुंचेगी, यह सबसे बड़ा सवाल है।
सम्राट चौधरी ने Nitish Kumar और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में 59 प्रतिशत से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आ रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दल लगातार इसमें बाधा डाल रहे हैं। इस मुद्दे पर भाजपा व्यापक अभियान चलाएगी और जनता खुद विपक्ष को जवाब देगी। उन्होंने अंत में कहा कि 17 तारीख लोकतंत्र के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद की जाएगी।