आज के दौर में पीठ दर्द एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पीठ दर्द को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया तो यह धीरे-धीरे शरीर के साथ-साथ दिमाग पर भी असर डाल सकता है।
योग गुरु Baba Ramdev के अनुसार जब पीठ दर्द लंबे समय तक बना रहता है तो शरीर के टिशू ठीक होने के बाद भी दिमाग दर्द के संकेत भेजता रहता है। इसका असर व्यक्ति की कार्यक्षमता और मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि लगातार होने वाले कमर दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पीठ दर्द का एक कारण Spondylitis भी हो सकता है। इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी के वर्टिब्रा में सूजन आ जाती है, जिससे कमर और गर्दन में दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। गंभीर स्थिति में यह समस्या शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कमर दर्द से बचने के लिए सही बैठने की आदत बेहद जरूरी है। काम करते समय लैपटॉप को गोद में रखने के बजाय मेज या डेस्क पर रखें। बैठते समय कमर सीधी रखें और पैरों को जमीन पर टिकाकर रखें। इसके अलावा हर एक घंटे में कुछ मिनट का ब्रेक लेकर हल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग करना भी फायदेमंद माना जाता है।
पीठ दर्द से जुड़ी समस्या जैसे Sciatica में कुछ घरेलू उपाय भी राहत दे सकते हैं। हल्दी वाला दूध, अदरक और शहद की चाय, तिल के तेल से हल्की मालिश जैसे उपाय दर्द को कम करने में मददगार माने जाते हैं।
इसके अलावा हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन-D से भरपूर आहार लेना भी जरूरी है। नियमित योग, व्यायाम और संतुलित खान-पान से रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यक्ति अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करे और नियमित रूप से योग व व्यायाम अपनाए तो पीठ दर्द की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।