उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राजस्थान के जालोर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल सिरे मंदिर धाम पहुंचकर ऐतिहासिक Ratneshwar Mahadev Temple की 375वीं वर्षगांठ पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और आयोजित महायज्ञ में पूर्णाहुति भी दी।
सुबह करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान रत्नेश्वर महादेव के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके बाद वे सिरे मंदिर धाम स्थित कन्यागिरी प्रांगण में आयोजित विशाल धर्मसभा में शामिल हुए और श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के प्राचीन मंदिर और तीर्थस्थल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, जिन्हें संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन संत पीर शांतिनाथ महाराज की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसके अलावा उन्होंने सिरे मंदिर धाम परिसर में स्थित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में दर्शन किए और संत समाज से मुलाकात की।
इस अवसर पर उन्होंने भेरूनाथ अखाड़े के महंत पीर गंगानाथ महाराज से भी भेंट की और मंदिर के इतिहास तथा धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी ली। आयोजन में बड़ी संख्या में साधु-संत, स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत मंदिर परिसर में महायज्ञ, भजन-कीर्तन और धर्मसभा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।
कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 11:50 बजे हेलिपैड से जोधपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। वहां से वे उत्तर प्रदेश के लिए प्रस्थान करेंगे।
रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ का यह आयोजन क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है और इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।