टेक दुनिया में एक बार फिर बड़ी छंटनी की खबर सामने आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook की पैरेंट कंपनी Meta में जल्द ही हजारों कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। कंपनी के सीईओ Mark Zuckerberg ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में संगठन की संरचना में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह छंटनी कंपनी के कुल कर्मचारियों के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो करीब 15 हजार कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ सकती है। दिसंबर 2025 तक मेटा में करीब 79 हजार लोग काम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि कंपनी का ध्यान अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर है। मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई टेक्नोलॉजी कई पारंपरिक कार्यों को आसान और तेज बना देगी। इसी वजह से कंपनियों को पहले जितने बड़े कर्मचारियों की जरूरत नहीं होगी।
जुकरबर्ग ने कई मंचों पर यह बात कही है कि एआई के कारण काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले जिन प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ी टीमों की जरूरत पड़ती थी, अब वही काम कम लोगों की मदद से भी संभव हो सकता है। उनका मानना है कि प्रतिभाशाली इंजीनियर और डेवलपर्स एआई टूल्स की मदद से ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार मेटा आने वाले वर्षों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों पर भारी निवेश करने की योजना बना रहा है। कहा जा रहा है कि कंपनी 2028 तक करीब 600 बिलियन डॉलर तक का निवेश कर सकती है।
इससे पहले भी कंपनी ने साल 2022 में लगभग 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी की थी, जो उस समय टेक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक मानी गई थी। अब एक बार फिर बड़े पैमाने पर संभावित छंटनी की खबरों ने कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से छंटनी की तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन एआई के बढ़ते प्रभाव के चलते टेक सेक्टर में रोजगार के स्वरूप में बदलाव की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है।