ईरान पर हुए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत ने संतुलित और सतर्क रुख अपनाया है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ भारत ने युद्ध रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संयम बरतने का आग्रह किया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा हालात न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी चुनौती बन सकते हैं। भारत ने सभी पक्षों से अपील की कि वे हिंसा से बचें और कूटनीतिक संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान तलाशें। मंत्रालय ने आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया।
भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने स्थिति को गंभीर मानते हुए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने इजरायल के विदेश मंत्री से चर्चा के दौरान तनाव कम करने की जरूरत पर बल दिया, जबकि ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता जाहिर की।
इस बीच ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। भारतीयों से कहा गया है कि वे स्थानीय समाचारों पर नजर रखें और दूतावास से जारी निर्देशों का पालन करें। इजरायल में भी भारतीय नागरिकों के लिए समान सुरक्षा सलाह जारी की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की यह नीति ‘संतुलित कूटनीति’ का उदाहरण है, जहां भारत किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाय शांति और स्थिरता पर जोर देता है। मिडिल ईस्ट भारत के ऊर्जा और व्यापारिक हितों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इसलिए भारत स्थिति को लेकर विशेष रूप से सतर्क बना हुआ है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि हालात के अनुसार आगे और एडवाइजरी जारी की जा सकती हैं। फिलहाल भारतीय मिशन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर नागरिकों की मदद के लिए तैयार हैं।