मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव के चलते कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद कर दिया है, जिसका सीधा प्रभाव भारत की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। इसी स्थिति को देखते हुए Air India ने अमेरिका और यूरोप जाने वाली कई उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला लिया है।
एयरलाइन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार दिल्ली से लंदन, टोरंटो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, शिकागो और अमेरिका के अन्य प्रमुख शहरों के लिए निर्धारित उड़ानें फिलहाल संचालित नहीं की जाएंगी। एयर इंडिया का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, क्योंकि मिडिल ईस्ट क्षेत्र के कई एयर रूट वर्तमान में जोखिमपूर्ण माने जा रहे हैं।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन भारतीय यात्रियों पर पड़ा है, जो होली का त्योहार मनाने भारत आने वाले थे। हजारों लोग विदेशों में ही फंस गए हैं और उन्हें अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ी हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ और लगातार बदलते शेड्यूल के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
भारत सरकार ने भी यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से फ्लाइट स्टेटस जरूर जांच लें। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय हालात सामान्य होने तक उड़ानों के समय और रूट में और बदलाव संभव हैं।
इसी बीच दुबई की प्रमुख एयरलाइन Emirates ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी कई उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। एयरलाइन ने यूएई समयानुसार दोपहर तीन बजे तक आने-जाने वाली फ्लाइट्स रोकने की घोषणा की और यात्रियों से एयरपोर्ट पहुंचने से पहले स्टेटस जांचने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय एविएशन सेक्टर पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। इससे टिकट कीमतों में बढ़ोतरी, यात्रा समय में बदलाव और वैकल्पिक रूट के इस्तेमाल जैसी स्थितियां भी सामने आ सकती हैं।
फिलहाल एयरलाइंस और सरकारें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।