सिन्धु टाइम्स डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर भ्रम और चिंता दोनों बढ़ गए हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिए कि हालिया हमलों में ईरानी नेतृत्व को बड़ा नुकसान पहुंचा हो सकता है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस तरह की खबरें दुश्मन देशों की रणनीति का हिस्सा हैं।
ईरानी मीडिया के अनुसार, हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है। राजधानी तेहरान में कई इलाकों में धुएं के गुबार और सैन्य गतिविधियां बढ़ने की तस्वीरें सामने आई हैं। नागरिकों में डर का माहौल है और लोग आवश्यक सामान जमा करते दिखाई दे रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात, ईरान पर हमले के बाद पलटवार तेज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को रोकना जरूरी है। उन्होंने ईरानी जनता से राजनीतिक बदलाव की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियां ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकती हैं।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। दुबई, अबू धाबी और अन्य शहरों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। अब पूरी दुनिया की नजर अगली सैन्य और कूटनीतिक चाल पर टिकी हुई है।