- उप मुख्यमंत्री बोले— लोकतांत्रिक मूल्यों के सच्चे प्रहरी थे भारत के प्रथम राष्ट्रपति
लखनऊ: देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर शनिवार को लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सात कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
अपने संबोधन में मौर्य ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखने वाले महान व्यक्तित्व थे। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश के प्रथम राष्ट्रपति बनने तक उनका जीवन राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक परंपराओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
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उन्होंने कहा कि उच्च पद पर रहते हुए भी डॉ. प्रसाद ने सादगी और विनम्रता को कभी नहीं छोड़ा। उनकी जीवनशैली यह संदेश देती है कि नेतृत्व का असली अर्थ जनता के साथ जुड़कर काम करना है। वे शिक्षा, ग्रामीण उत्थान और सामाजिक एकता के समर्थक थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण के लिए उनके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता के समय थे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी महान नेता के योगदान को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। मौर्य ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विचार नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाने का काम करते रहेंगे।