मैक्रों की यात्रा में रक्षा और AI सहयोग पर बड़ा फोकस

टॉप -न्यूज़ न्यूज़ राजनीती राष्ट्रीय

Written By: sweta sharma

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का भारत दौरा इस समय वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी यात्रा का मुख्य केंद्र नई दिल्ली रहेगा, जहां वे प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ व्यापक बातचीत करेंगे।

सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के बीच हुए संवाद ने इस यात्रा को और खास बना दिया। पीएम मोदी ने मैक्रों को “माय डियर फ्रेंड” कहकर स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत व्यक्तिगत और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है।

114 राफेल विमानों की संभावित डील

इस यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर है। रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद यह सौदा अंतिम चरण में पहुंच सकता है। लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव में स्थानीय निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को बल मिलेगा।

Dassault Aviation द्वारा निर्मित राफेल विमान अत्याधुनिक तकनीक और मल्टी-रोल क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं। इस सौदे पर मुहर लगने से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और गहरा होगा।

AI और डिजिटल भविष्य

नई दिल्ली में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में मैक्रों की संभावित भागीदारी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा मिल सकती है। भारत समावेशी और भरोसेमंद AI मॉडल विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है, जबकि फ्रांस यूरोप में डिजिटल नवाचार का प्रमुख केंद्र है।

25-26 फरवरी को इजरायल दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी – Sindhu Times

व्यापार और वैश्विक साझेदारी

भारत और European Union के बीच हुए हालिया FTA समझौते ने आर्थिक रिश्तों को और मजबूती दी है। इस यात्रा के दौरान औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने का अवसर है। रक्षा, तकनीक और व्यापार के साथ-साथ सांस्कृतिक सहयोग भी इस संबंध को नई ऊंचाई दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *