ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक आंगनवाड़ी केंद्र पिछले तीन महीनों से बंद पड़ा है। वजह बनी है वहां नियुक्त एक हेल्पर को लेकर उपजा विवाद। प्रशासन ने नुआगांव केंद्र में सरमिस्ता सेठी को हेल्पर के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने इस नियुक्ति का विरोध किया।
सूत्रों के अनुसार, गांव की कमेटी के कुछ सदस्यों ने जातिगत आधार पर असहमति जताई। इसके बाद कई अभिभावकों ने बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर दिया। परिणामस्वरूप केंद्र की गतिविधियां ठप हो गईं और करीब 60 बच्चे पोषण और प्री-स्कूल शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
यह घटना बताती है कि सामाजिक भेदभाव आज भी कुछ इलाकों में गहरी जड़ें जमाए हुए है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे में उनका बंद होना सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है।
प्रशासन मामले को सुलझाने और केंद्र को दोबारा शुरू कराने के प्रयास में जुटा है। अब देखना होगा कि बातचीत और जागरूकता के जरिए समाधान कब तक निकलता है।