पटना: आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद तेजस्वी यादव ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। पार्टी कार्यालय में आयोजित अभिनंदन समारोह में तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को न सिर्फ संघर्ष के लिए तैयार किया, बल्कि अपने राजनीतिक सफर की कठिनाइयों को भी साझा किया। उनके भाषण में आत्मविश्वास, आक्रोश और भविष्य की रणनीति साफ नजर आई।
तेजस्वी यादव ने कहा कि RJD और लालू प्रसाद यादव की विचारधारा के लिए काम करने वालों को अब डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर कोई अपमान करता है या गाली देता है, तो चुप रहना कमजोरी है। अब जवाब देने का समय है।
राजनीतिक साजिश का आरोप
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बहुत कम उम्र में ही उन्हें केंद्रीय एजेंसियों के मामलों का सामना करना पड़ा। तेजस्वी ने कहा कि यह सब एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी ताकि उन्हें राजनीति से बाहर किया जा सके।
उन्होंने भावुक लहजे में कहा कि उस समय ऐसा लगा जैसे उनका राजनीतिक भविष्य पैदा होने से पहले ही खत्म किया जा रहा हो। यह बयान सीधे तौर पर उनके विरोधियों पर तीखा हमला माना जा रहा है।
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भविष्य की रणनीति
तेजस्वी यादव ने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना है। बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी को संगठित किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि होली के बाद वे पूरे बिहार में दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य RJD को फिर से राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि यह वही सपना है, जिसे लालू प्रसाद यादव ने देखा था और जिसे अब पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है।
नीतीश कुमार और NDA पर निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अब जननेता नहीं रहे। उनके अनुसार, NDA सरकार सिर्फ सत्ता बचाने की राजनीति कर रही है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेता दिन-रात लालू यादव और RJD को बदनाम करने में लगे रहते हैं।
अपने भाषण के अंत में तेजस्वी यादव ने स्पष्ट संदेश दिया कि RJD भाजपा की राजनीति से न तो समझौता करेगी और न ही डरकर पीछे हटेगी।