उत्तर प्रदेश में चीनी मांझा अब सिर्फ एक गैरकानूनी वस्तु नहीं, बल्कि जानलेवा अपराध की श्रेणी में आ चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस खतरनाक मांझे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसी भी कीमत पर इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि चीनी मांझे से होने वाली मौतें अब हादसा नहीं मानी जाएंगी। अगर किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह फैसला उन घटनाओं के बाद लिया गया है, जिनमें राह चलते लोग, बाइक सवार और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए या अपनी जान गंवा चुके हैं।
लखनऊ में हाल ही में हुई घटना ने पूरे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की गर्दन चीनी मांझे से कट गई और इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई। यह घटना कोई पहली नहीं है। बीते एक साल में प्रदेश में ऐसी 8 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कई परिवार उजड़ चुके हैं।
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मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सघन छापेमारी अभियान चलाने, अवैध बिक्री करने वालों के नेटवर्क को तोड़ने और जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन में शामिल हर व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रशासन को यह भी आदेश दिया गया है कि जब्ती अभियान को लगातार जारी रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि त्योहारों या विशेष मौकों पर भी चीनी मांझा बाजार में न पहुंचे। सीएम योगी ने कहा कि लोगों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
सरकार का यह सख्त कदम आम जनता के लिए राहत भरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस आदेश को सख्ती से लागू किया गया, तो सड़क हादसों और मांझे से होने वाली मौतों में बड़ी कमी आ सकती है।