दिल्ली सरकार ने भलस्वा लैंडफिल साइट को साफ कर नया अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने की योजना बनाई है। इस बस अड्डे से हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की बसों का संचालन होगा। इस पहल से दिल्ली के पुराने कश्मीरी गेट बस अड्डे पर चल रहे भारी यातायात को कम किया जा सकेगा।
भलस्वा बस अड्डा दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास स्थित होने के कारण बसों का सफर छोटा हो जाएगा और यात्रियों को ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रा समय में भी कमी आएगी। नई सुविधा के साथ यात्रियों को इंतजार कम करना और बेहतर आरामदायक इंतजाम मिलना संभव होगा।
भलस्वा लैंडफिल साइट को बायो-माइनिंग तकनीक से साफ किया जा रहा है। साइट में जमा कूड़ा 60 मीटर तक पहुंच चुका है और यह लगभग 70 एकड़ में फैली हुई है। बायो-माइनिंग के जरिए कूड़े को रिसाइकिल और मैनेज किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय नुकसान कम होगा।
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एमसीडी और दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लेकर कई दौर की बैठकें की हैं। उनका लक्ष्य है कि साइट को इस साल के अंत तक पूरी तरह साफ कर दिया जाए। इसके बाद बस अड्डे का निर्माण शुरू होगा, जो आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगा।
भलस्वा बस अड्डा बनने के बाद न केवल कश्मीरी गेट का दबाव कम होगा, बल्कि यात्रियों के लिए नई सुविधा और समय की बचत भी सुनिश्चित होगी। यह परियोजना दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, शहरी विकास और ट्रैफिक सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।