बरसाना और नंदगांव में होने वाली लठमार होली राधा-कृष्ण प्रेम की परंपरा का जीवंत प्रतीक है। इस वर्ष 24 से 26 फरवरी तक होली उत्सव का मुख्य चरण आयोजित होगा। लड्डू होली के साथ उत्सव की शुरुआत श्रीजी मंदिर में होगी, जबकि अगले दिन बरसाना की गलियों में हुरियारिन और हुरियारे लठियों के साथ परिक्रमा करेंगे।
बरसाना की होली केवल तीन दिनों का पर्व नहीं है, बल्कि चालीस दिवसीय परंपरा का हिस्सा है। वसंत पंचमी से मंदिर में समाज गायन शुरू होता है और महाशिवरात्रि को लठमार होली की प्रथम चौपाई के साथ मुख्य उत्सव प्रारंभ होता है। यह परंपरा विक्रम संवत 1569 से चल रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन, मंदिर सेवायत और आयोजन समितियां पूरी तैयारी कर चुकी हैं। ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता घनश्याम भट्ट के अनुसार, यह उत्सव राधा-कृष्ण प्रेम की भक्ति और उल्लास को दर्शाता है, जो हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करता है।