माघ मेला 2026, 31लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

उत्तर प्रदेश प्रयागराज

प्रयागराज: कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद आस्था का सैलाब शनिवार को संगम तट पर उमड़ पड़ा। माघ मेला-2026 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य तरीके से हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम और आसपास के घाटों की ओर बढ़ती दिखी। शाम सात बजे तक 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य स्नान किया, जबकि दिन समाप्त होने तक यह संख्या 35 लाख के पार पहुंचने का अनुमान जताया गया।

ठंडी हवाओं और गलन के बीच भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु “हर हर गंगे” और “जय त्रिवेणी” के जयघोष के साथ संगम में डुबकी लगाते दिखे। घाटों पर सुबह से देर शाम तक स्नान का क्रम लगातार चलता रहा। हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार सहित कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना की।

हरियाणा के रेवाड़ी से आई निशा ने बताया कि मेला क्षेत्र में आने-जाने, पार्किंग और घाटों तक पहुंचने की व्यवस्था बेहद सुचारु है। वहीं मध्य प्रदेश के सीहोर से आई कल्पना तोमर ने कहा कि महाकुंभ में अधूरी रह गई त्रिवेणी स्नान की इच्छा माघ मेले में पूरी हो गई। उन्होंने स्वच्छता और प्रशासनिक प्रबंधन की प्रशंसा की।

माघ मेला के प्रथम स्नान पर्व पर विभिन्न अखाड़ों और संत-सम्प्रदायों के संत-महात्माओं ने भी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। मंत्रोच्चार और वैदिक अनुष्ठानों के बीच वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा, पेयजल और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई थी।

प्रयागराज के कमिश्नर सौम्या के अनुसार, शाम सात बजे तक 31 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने अनुमान जताया है कि प्रथम स्नान पर्व के अंत तक कुल संख्या 35 लाख से अधिक हो सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि मेला क्षेत्र और शहर में 1500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। केंद्रीय कमांड सेंटर से चौबीसों घंटे भीड़ प्रबंधन पर नजर रखी जा रही है। जल पुलिस, वॉच टावर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

इसी प्रथम स्नान पर्व के साथ कल्पवास परंपरा का भी शुभारंभ हुआ। चार लाख से अधिक कल्पवासियों ने गंगा स्नान कर माघी पूर्णिमा तक चलने वाले कल्पवास का संकल्प लिया। प्रयागवाल नगर में बसे कल्पवासियों के शिविरों में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है।

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