नई दिल्ली: विकसित भारत जी राम जी योजना को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह योजना गांवों और मजदूरों के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन कांग्रेस इसे इसलिए रोकना चाहती है क्योंकि इससे भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संसद चर्चा और संवाद का मंच है, लेकिन कांग्रेस ने वहां सवाल उठाने के बजाय बाहर आरोप लगाने का रास्ता चुना। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर योजना में खामियां थीं तो संसद में बहस क्यों नहीं हुई? कृषि मंत्री के मुताबिक, जी राम जी योजना में मजदूरों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा की गई है। इस योजना के तहत रोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं और 125 दिन तक काम की गारंटी दी जा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस यह भ्रम फैला रही है कि मजदूरों को नुकसान होगा।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जनता को डराने और भ्रमित करने की राजनीति करती है। कभी रोजगार छिनने की बात कही जाती है, तो कभी गांवों के अधिकार खत्म होने की अफवाह उड़ाई जाती है, जबकि सच्चाई इसके ठीक उलट है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विकास का निर्णय अब गांव स्तर पर होगा। ग्राम सभा और पंचायत मिलकर तय करेंगी कि सड़क बनेगी या तालाब, स्कूल सुधरेगा या सिंचाई का काम होगा। इससे योजनाएं कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि जमीन पर दिखेंगी।
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उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का फोकस ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर है। गांव मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा। इसी सोच के तहत जी राम जी योजना लाई गई है, ताकि ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। कांग्रेस पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब जनता को गुमराह करना आसान नहीं है। लोग समझ चुके हैं कि कौन विकास चाहता है और कौन सिर्फ राजनीति। सरकार मजदूरों, किसानों और गांवों के हित में हर जरूरी कदम उठाएगी।