डोनाल्ड ट्रंप ने उठाई आवाज, अमेरिका–सऊदी समेत कई देशों से मिलकर संकट रोकने का आह्वान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सूडान में बढ़ते मानवीय संकट और देश में जारी हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सूडान आज धरती का सबसे हिंसक स्थान बन चुका है, जहां भयानक अत्याचार, भोजन और दवाइयों की भारी कमी और बड़ा मानवीय संकट पैदा हो चुका है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि एक समय अपनी प्राचीन सभ्यता के लिए प्रसिद्ध सूडान अब विनाश और संघर्ष का केंद्र बन गया है।
ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित कई अरब देशों के नेता उनसे सूडान की स्थिति को स्थिर करने के लिए हस्तक्षेप की अपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूडान की हालत बेहद खराब है, लेकिन संयुक्त प्रयासों से इसे संभाला जा सकता है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और अन्य मध्य-पूर्वी देशों के साथ मिलकर सूडान को स्थिर करने की दिशा में कदम उठाएगा।
इस बीच, दो साल से अधिक समय से गृहयुद्ध झेल रहे सूडान के लिए राहत की खबर सामने आई है। सूडान की अर्धसैनिक ताकत रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित ‘मानवीय युद्धविराम’ को स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव अमेरिका की अगुवाई वाले क्वाड मध्यस्थ समूह — सऊदी अरब, मिस्र और यूएई — द्वारा पेश किया गया था। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाना और हिंसा के मानवीय प्रभाव को कम करना है।
अप्रैल 2023 से सूडान की सेना (SAF) और RSF के बीच जारी संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लाखों अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दोनों पक्षों पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों जैसे बिना मुकदमे हत्या, यौन हिंसा, यातना और नागरिकों पर हमलों के आरोप लगाए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और नए प्रयासों से उम्मीद है कि सूडान में जल्द शांति स्थापित होगी और लाखों लोगों को राहत मिल सकेगी।