यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक मां ने जो किया, वह समाज के लिए प्रेरणा बन गया है। हमीरपुर के राठ निवासी पार्वती ने अपने दोनों बच्चों की जान बचाने के लिए खुद को आग के हवाले कर दिया। यह हादसा मंगलवार तड़के मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र में हुआ था।पार्वती अपने पति गोविंद के पास नोएडा जा रही थीं। जैसे ही बस की टक्कर के बाद आग भड़की, चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच पार्वती ने हिम्मत दिखाते हुए बस की खिड़की तोड़ी और बेटी प्राची व बेटे सनी को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। लेकिन खुद बाहर निकलने से पहले आग की चपेट में आ गईं। हादसे के बाद पार्वती का शव बुरी तरह झुलस गया, जिससे उसकी पहचान मुश्किल हो गई। प्रशासन ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। बेटी प्राची का सैंपल लिया जा चुका है और रिपोर्ट आने के बाद शव की आधिकारिक पहचान की जाएगी।
पति गोविंद, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, हादसे के बाद से बेहद सदमे में हैं। बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बेटी की कमर और बेटे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
उधर जिला अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों की स्थिति में भी सुधार है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। एसडीएम, एडीएम और अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। अब तक 30 से अधिक घायलों को छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।