अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में शनिवार का दिन छात्रों के लिए कभी न भूल पाने वाला डरावना अनुभव बन गया। फाइनल परीक्षाओं के बीच अचानक चली गोलियों ने पूरे कैंपस को खून और खौफ से भर दिया। इंजीनियरिंग इमारत के भीतर हुई इस गोलीबारी में दो लोगों की जान चली गई, जबकि नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काले कपड़े और मास्क पहने एक हमलावर ने क्लासरूम के भीतर घुसकर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही छात्र अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई छात्रों ने दरवाजे बंद कर खुद को कमरों में कैद कर लिया, जबकि कुछ पास की इमारतों में छिप गए। केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा एम्मा फेरारो ने बताया कि वे लॉबी में अपना फाइनल प्रोजेक्ट पूरा कर रही थीं, तभी तेज धमाकों की आवाज आई। पहले उन्हें लगा कि कोई मशीन फट गई है, लेकिन जब सच्चाई समझ आई, तो वे जान बचाकर भागीं। कई घंटे तक वे डर के मारे बाहर नहीं निकलीं।
घटना के बाद पूरे प्रोविडेंस शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुलिस ने देर रात तक कैंपस की इमारतों की तलाशी ली और छात्रों को टैक्टिकल सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला गया। यूनिवर्सिटी जिम को अस्थायी सुरक्षित शरण स्थल बनाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायलों में से छह को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा, हालांकि उनकी हालत अब स्थिर है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों और स्टाफ के लिए काउंसलिंग और मानसिक सहायता सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है।
इस हमले ने न सिर्फ ब्राउन यूनिवर्सिटी, बल्कि पूरे अमेरिका में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक शैक्षणिक संस्थान गोलीबारी की घटनाओं का शिकार होते रहेंगे। छात्रों का कहना है कि वे पढ़ाई करने आए थे, लेकिन उन्हें अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ रही है।