उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 अभी दूर हैं, लेकिन सियासी हलचल अभी से तेज होने लगी है। राजधानी लखनऊ में रविवार को बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बसपा ने अलग-अलग बैठकें कर संगठन को मजबूत करने और आने वाली चुनावी चुनौती की तैयारी शुरू कर दी।
तीनों दलों की बैठकों में कार्यकर्ताओं को जमीन पर सक्रिय रहने और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया गया।
बीजेपी ने बनाई रणनीति
बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान को लेकर कार्यशाला आयोजित की। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, स्मृति ईरानी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के 98 जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।
बैठक में यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
13 तरह के कार्यक्रम होंगे
बीजेपी की ओर से बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान करीब एक महीने तक चलेगा। इस दौरान 13 तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
पार्टी का फोकस लाभार्थियों से संपर्क करने और सामाजिक गतिविधियों के जरिए लोगों के बीच पहुंच बढ़ाने पर रहेगा। नेताओं ने साफ कहा कि कार्यक्रम सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को किया अलर्ट
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी पार्टी के 75 जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने को कहा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को मतदाता सूची पर नजर रखने और हर बूथ पर सतर्क रहने का निर्देश दिया।
मायावती ने भी बढ़ाई सक्रियता
बसपा प्रमुख मायावती ने जिलाध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाने और चुनावी वादों को लेकर लोगों को जागरूक करने की बात कही।
मायावती ने खासतौर पर महिलाओं और दूसरे वर्गों के लिए किए जाने वाले चुनावी वादों पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं को उनके क्रियान्वयन का मुद्दा जनता तक पहुंचाने की सलाह दी।
दयाशंकर सिंह ने अखिलेश पर साधा निशाना
इसी बीच परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के STF को लेकर लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि STF ने माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत की है।
उन्होंने अखिलेश यादव पर अपने कार्यकाल में अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। दयाशंकर सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार में पुलिस का मनोबल बढ़ा है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।