हरियाणा के पंचकूला में रिटायर्ड कैप्टन की पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर-21 स्थित एक घर में 71 वर्षीय नीरा मेहता की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचकूला पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और घरेलू सहायिका सुनीता देवी, उसके पति शंकर और बेटे राजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश और घटनाक्रम का खुलासा किया जा सके।
पंचकूला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अदिति सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 3 अगस्त को रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल मेहता ने सेक्टर-21 पुलिस चौकी में अपनी पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि घर से सोने के कुछ आभूषण भी गायब थे और उनकी पत्नी को घर में काम करने वाली महिला सुनीता देवी पर चोरी का संदेह था। इसी आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध महिला के घर पर छापेमारी की।
शुरुआती तलाशी के दौरान घर के अंदर कुछ संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन जब पुलिस टीम मकान की छत पर पहुंची तो वहां एक चादर के नीचे छिपाया गया नीरा मेहता का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे मामले ने हत्या का रूप ले लिया। पुलिस ने तत्काल फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और पूरे इलाके की बारीकी से जांच की गई।
जांच के दौरान मिले सुरागों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घरेलू सहायिका सुनीता देवी, उसके पति शंकर और बेटे राजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, प्रारंभिक पूछताछ में सुनीता देवी ने चोरी और हत्या के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उसने कोई चोरी नहीं की और नीरा मेहता की मौत फिसलने के कारण हुई थी। पुलिस फिलहाल उसके इस बयान की भी जांच कर रही है।
डीसीपी अदिति सिंह ने बताया कि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले सबूत और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न टीमों का गठन किया गया था, जिनकी संयुक्त कार्रवाई से 24 घंटे के भीतर इस हाई-प्रोफाइल केस का खुलासा संभव हो सका। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या का वास्तविक कारण क्या था, क्या इसके पीछे केवल चोरी का मामला था या कोई अन्य वजह भी शामिल है।
इस घटना ने शहर में घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घर में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।