सोना और चांदी, जिन्हें निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता है, गुरुवार को अचानक दबाव में आ गए। वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों की सबसे तेज गिरावटों में से एक मानी जा रही है। एक ही सत्र में चांदी करीब ₹24,000 सस्ती हो गई, जिससे छोटे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।
सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि गिरावट चांदी जितनी तेज नहीं थी, लेकिन सोना भी 1 प्रतिशत से ज्यादा फिसल गया। बीते सप्ताह सोने में आई तेज तेजी के बाद अब मुनाफावसूली का दौर शुरू होता दिख रहा है।
गिरावट की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख है। फेड के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम है। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया।
इसके अलावा, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को संभावित फेड चेयरमैन के रूप में आगे लाने की चर्चा ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। वॉर्श को ब्याज दरों के मामले में सख्त माना जाता है, जिससे निवेशकों को डर है कि रेट कट की रफ्तार धीमी हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
जानकारों का मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका भी हो सकती है। हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की है, उन्हें फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
भारत में शादी-ब्याह का सीजन नजदीक होने के कारण हाजिर बाजार में मांग बनी रह सकती है, जिससे कीमतों को कुछ हद तक सहारा मिल सकता है। लेकिन वैश्विक संकेतों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।