लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना सहित कुल 18 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन प्रस्तावों में महिला सशक्तिकरण, उच्च शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कई अहम फैसले शामिल हैं।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनके कॉलेज आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाना है। सरकार का मानना है कि परिवहन की सुविधा मिलने से छात्राओं की शिक्षा में आने वाली बाधाएं कम होंगी और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह योजना राज्य के सरकारी, निजी, स्ववित्तपोषित और संबद्ध कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में लागू होगी। वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र में स्नातक (ग्रेजुएशन) करने वाली वे छात्राएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगी, जो अपने संस्थान के शीर्ष 5 प्रतिशत (Top 5%) मेधावी विद्यार्थियों में शामिल होंगी।
हालांकि, आय सीमा को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग दावे किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में परिवार की वार्षिक आय सीमा 12 लाख रुपये, कुछ में 10 लाख रुपये, जबकि कुछ में 2.5 लाख रुपये बताई गई है। ऐसे में अंतिम पात्रता और आवेदन प्रक्रिया का स्पष्ट विवरण सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के बाद ही सामने आएगा।
सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाभार्थी छात्राओं को स्कूटी के साथ रजिस्ट्रेशन शुल्क, बीमा और 5 लीटर पेट्रोल जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद होगी।
कैबिनेट बैठक में स्कूटी योजना के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें शोधपीठों की स्थापना, महिला छात्रावासों का निर्माण, आउटसोर्सिंग सेवा निगम का गठन, नई बसों की खरीद, अग्निशमन सेवाओं के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था तथा विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, परिवहन, महिला सुरक्षा और प्रदेश के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। वहीं, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को छात्राओं की उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।