कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली के दौरान रामलीला मैदान से प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भाजपा अब जनता का विश्वास खो चुकी है और इसी डर के कारण वह निष्पक्ष चुनाव कराने से भाग रही है। प्रियंका गांधी ने दो टूक कहा कि अगर भाजपा को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है, तो उसे बैलेट पेपर से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने संसद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां गंभीर बहसों के लिए जगह नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दे उठाता है, तो सरकार या तो चर्चा से बचती है या बहस को भटका देती है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता की असली समस्याओं से डरती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के चेहरे संसद में साफ बता देते हैं कि उनका आत्मविश्वास डगमगा गया है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष से आंखें चुराती है क्योंकि उसे पता है कि जनता अब उसके झूठे वादों को स्वीकार नहीं करने वाली।
बिहार चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हार से हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के दुरुपयोग और चुनावी गड़बड़ियों को देश देख रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में जनता लोकतंत्र को कमजोर करने वालों को करारा जवाब देगी। रैली में राहुल गांधी ने भी आरएसएस और भाजपा की सोच पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस की विचारधारा ताकत को सर्वोपरि मानती है, जबकि भारत की आत्मा सत्य और नैतिकता में विश्वास करती है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी रहेगी और देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने रैली के जरिए साफ संदेश दिया कि वे चुनावी पारदर्शिता, लोकतंत्र और आम जनता के मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। यह रैली आगामी चुनावों से पहले विपक्ष की एकजुटता और आक्रामक रुख का संकेत मानी जा रही है।