उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनका मासिक मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में इस फैसले की घोषणा की गई। इस दौरान 14 अनुदेशकों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में बाल वाटिका से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए “होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड” का भी विमोचन किया गया। इस रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ उनके शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, संज्ञानात्मक और व्यक्तित्व विकास का समग्र मूल्यांकन किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री Sandeep Singh ने कहा कि यह फैसला हजारों शिक्षा योद्धाओं के समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का सम्मान है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 9,645 स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशक तथा 6,192 कार्यानुभव शिक्षा अनुदेशक कार्यरत हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिला है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा 1,64,882 बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए डीबीटी प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।