अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर वैश्विक राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। ईरान के साथ संभावित समझौते की खबरों के बीच ट्रंप ने अब पश्चिम एशिया में नया कूटनीतिक अभियान शुरू कर दिया है। उनका उद्देश्य ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ का विस्तार करना और ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने के लिए तैयार करना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने हाल ही में कई अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के साथ-साथ इजरायल को व्यापक मान्यता दिलाने पर जोर दिया। बताया जा रहा है कि Saudi Arabia, United Arab Emirates, Qatar, Turkey और Pakistan सहित कई देशों के नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार ट्रंप की सबसे बड़ी प्राथमिकता सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध स्थापित करवाना है। अगर ऐसा होता है तो इसे मध्य पूर्व की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा। अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि अरब देश इजरायल के साथ आधिकारिक रिश्ते कायम करें, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम हो सके।
बताया जा रहा है कि ट्रंप ने मुस्लिम देशों से कहा है कि ईरान से जुड़े तनाव और संघर्ष समाप्त होने के बाद उन्हें इजरायल के साथ बेहतर संबंध बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि अभी तक किसी भी देश ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गौरतलब है कि साल 2020 में शुरू हुए Abraham Accords के तहत UAE और Bahrain ने इजरायल के साथ रिश्ते स्थापित किए थे। इसके बाद अमेरिका लगातार अन्य मुस्लिम देशों को भी इस पहल में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस अभियान को अपनी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहते हैं। हालांकि कई मुस्लिम देशों में इजरायल को लेकर राजनीतिक और धार्मिक मतभेद अब भी मौजूद हैं, जिसके चलते यह राह आसान नहीं मानी जा रही।