मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत चाहता है, लेकिन अब समय निकल चुका है। उन्होंने ईरानी सैन्य ढांचे को भारी क्षति पहुंचाने का दावा किया। वहीं ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि वार्ता संभव है, परंतु “सम्मान और समानता” के आधार पर।
अमेरिकी प्रशासन ने कांग्रेस को सूचित किया कि कार्रवाई समुद्री व्यापार की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए की गई। होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को भी अहम कारण बताया गया।
दक्षिणी ईरान में स्कूल पर हमले की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। अमेरिका ने घटना की जांच का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कूटनीतिक प्रयास जल्द शुरू नहीं हुए तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।