दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक, ईंधन की खपत और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए एक बड़ा और व्यापक प्रशासनिक सुधार अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
PM मोदी के आह्वान के बाद दिल्ली सरकार ने “मेरा भारत, मेरा योगदान” नाम से एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य नागरिकों और सरकारी तंत्र को अधिक जिम्मेदार बनाना है।
इस अभियान के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब दिल्ली में सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा।
यह व्यवस्था 15 मई से लागू होकर अगले 90 दिनों तक जारी रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे दफ्तरों में भीड़ कम होगी और ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी। सीएम ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की खपत को नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
सरकारी वाहनों के ईंधन कोटे में 20 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र के लिए भी जल्द ही एडवाइजरी जारी की जाएगी।
दिल्ली में “मेट्रो मंडे” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत हर सोमवार सभी मंत्री और अधिकारी मेट्रो से यात्रा करेंगे।
इसका उद्देश्य आम नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
इसके अलावा विश्वविद्यालयों से गैर-व्यावहारिक कक्षाओं को ऑनलाइन करने की अपील की गई है और अदालतों से भी वर्चुअल सुनवाई को बढ़ावा देने को कहा गया है।
सरकार ने कार्यालय समय में भी बदलाव किया है। दिल्ली सरकार के दफ्तर अब सुबह 10:30 से शाम 7 बजे तक और एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे।
साथ ही नागरिकों से सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” अपनाने की अपील की गई है। अगले छह महीनों तक नई सरकारी वाहन खरीद पर रोक और ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10% बढ़ोतरी भी की गई है।