- जानिए लाल और चितरा राजमा में क्या है फर्क
भारत में राजमा-चावल को एक लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन माना जाता है। यह खासतौर पर उत्तर भारत में बेहद पसंद किया जाता है। हालांकि कई बार लोग बाजार में राजमा खरीदते समय इस बात को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं कि लाल राजमा लें या चितरा राजमा।
दरअसल राजमा की कई किस्में होती हैं, जिनमें जम्मू राजमा, कश्मीरी राजमा, चितरा राजमा और लाल राजमा ज्यादा प्रसिद्ध हैं। उत्तराखंड में तो राजमा की करीब 60 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं। हर किस्म का आकार, रंग और स्वाद थोड़ा अलग होता है।
चितरा राजमा को धब्बेदार राजमा भी कहा जाता है। इसकी सतह पर लाल और सफेद रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। यह जल्दी पकने वाला राजमा माना जाता है और पकने के बाद काफी मुलायम हो जाता है। यही कारण है कि घरों में रोजमर्रा के लिए इसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
वहीं लाल राजमा गहरे लाल रंग का होता है और आकार में थोड़ा बड़ा होता है। यह अपेक्षाकृत सख्त होता है और पकने में थोड़ा ज्यादा समय लेता है। लेकिन कई लोग मानते हैं कि इसका स्वाद ज्यादा गाढ़ा और बेहतर होता है।
पंजाब और जम्मू में बनने वाले पारंपरिक राजमा-चावल में अक्सर लाल राजमा का इस्तेमाल किया जाता है। खासतौर पर छोटे आकार का जम्मू वाला लाल राजमा काफी लोकप्रिय है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से दोनों ही प्रकार के राजमा काफी पौष्टिक होते हैं। इनमें प्रोटीन, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। इसलिए यह शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है।